बहुगुणा ने की 71 करोड़ की घोषणाएं

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंगलवार को कोटद्वार में एक समारोह में बेस चिकित्सालय की आधारशिला रखते हुए कुल 71 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

घोषणाएं चतुराई से टाली
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की ओर से रखी गई 74 मांगों पर कार्रवाई का भरोसा तो दिया, मगर घोषणाएं चतुराई से टाल दी। कहा कि वह घोषणाओं पर नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं।

कोटद्वार शीर्ष पर
कोटद्वार जिले के निर्माण पर कहा कि जब भी राज्य में नए जिले बनाए जाएंगे, कोटद्वार शीर्ष प्राथमिकता में रहेगा।
तहसील मुख्यालय के पास मार्डन मांटेसरी स्कूल परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।

भावनात्मक लगाव
कहा कि सड़क, पुल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं पर सबसे पहले फोकस किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि यहां की जनता के साथ उनका वोट का नहीं, भावनात्मक लगाव है।

हड़ताल को उन्होंने राज्य के विकास में बाधक बताया। कहा कि उनके पिता मजदूर नेता रहे हैं।

कर्मचारी संगठनों की हर उचित मांग को मानने के लिए सरकार तैयार है, मगर हड़ताल कोई समाधान नहीं है। कहा कि सरकार पलायन रोकने के लिए सभी महकमों में सृजित पदों पर भर्ती करने जा रही है।

करीब 37 हजार पदों पर नियमित भर्ती होगी। कई वर्षों से तदर्थ नियुक्ति पर चल रहे कर्मचारी भी नियमित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री की तुलना की सचिन से
शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से भी बड़ा भाषण स्वास्थ्य मंत्री का रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने स्वास्थ्य पूरी 74 मांगे रखी तो मुख्यमंत्री ने उनकी तुलना मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से कर डाली।

कहा कि सचिन ने आखिरी टेस्ट मैच में जिस तरह से 74 रन बनाए, वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने भी 74 मांगों का स्कोर खड़ा कर दिया।

स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल का वरिष्ठ सहयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी कार्यप्रणाली की खूब सराहना तो की मगर बड़ी चतुराई से सभी� मांगों पर घोषणाएं टाल दी। कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए सभी मांगे पूरी की जाएंगी।

भाजपाइयों ने सीएम को दिखाए काले झंडे
कोटद्वार जिले के निर्माण में शासन स्तर से हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोटद्वार आए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को काले झंडे दिखाए।

अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के पसीने छूट गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकियाते हुए परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।

पढ़ाई छोड़ सीएम का स्वागत करने पहुंचे छात्र
मुख्यमंत्री के आगमन को यादगार बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हरसंभव प्रयास किए। इस दौरान बीईएल से लेकर तहसील और कार्यक्रम स्थल तक दर्जनों स्कूलों के बच्चे सड़क के दोनों ओर कतार में खड़े किए गए थे।

सीएम के स्वागत के लिए बच्चों को ले जाने के लिए कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई थी। जैसे ही बच्चों को सड़क पर पुलिस की सायरन बजाती गाड़ी नजर आती तो वे मुख्यमंत्री का काफिला समझ कर बैंड और ड्रम बजाना शुरू कर देते थे। बच्चों को दर्जनों बार ऐसा करते देखा गया।

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